
आर्थिक सर्वेक्षण में सरकार ने छुपाए असल आंकड़े, जमीन हकीकत दावों से अलग: यू डी मिंजजशपुर।जशपुर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष यू डी मिंज ने आर्थिक सर्वेक्षण और बजट को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने चतुराई से अपनी नाकामी और असल आंकड़ों को छुपाया है। उन्होंने कहा कि जमीन की हकीकत सरकार के कागजी दावों से बिल्कुल अलग है।मिंज ने आरोप लगाया कि पिछले बजट में छात्रवृत्ति के लिए आबंटित राशि का एक नया पैसा भी छात्रों को नहीं मिला। मुख्यमंत्री के गृह जिले कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज की घोषणा के बावजूद अब तक काम शुरू नहीं हुआ। स्कूलों में 60 हजार से अधिक शिक्षकों के पद खाली हैं, लेकिन सरकार नई भर्तियां जानबूझकर रोक कर केवल घोषणाएं कर रही है।शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवालउन्होंने कहा कि 10463 स्कूल बंद कर दिए गए और स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूल भी उपेक्षा के कारण बदहाल हैं। सुपबेड़ा में लोग आज भी आर्सेनिक और फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर हैं। अस्पतालों में जांच, इलाज और दवा के अभाव में मरीज परेशान हैं और आयुष्मान योजना का भुगतान नहीं होने से निजी अस्पतालों में मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।बजट केवल कागजी दस्तावेज बनकर रह गयामिंज ने कहा कि किसी भी सरकार के लिए बजट विजन डॉक्यूमेंट होता है, लेकिन भाजपा सरकार की नीतियों ने बजट के महत्व को कम कर दिया है। पिछले दो बजट की घोषणाएं हकीकत से कोसों दूर हैं और शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई व कृषि सहित आठ महत्वपूर्ण विभागों में 10 हजार करोड़ से अधिक राशि खर्च ही नहीं की गई।आर्थिक असमानता बढ़ी, आम जनता परेशानउन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों से आर्थिक असमानता तेजी से बढ़ रही है। कुछ लोगों की आय बढ़ी है लेकिन आम जनता गरीब हो रही है। किसान आत्महत्या को मजबूर हैं, युवा रोजगार मांग रहे हैं, कर्मचारी आंदोलन पर हैं और महिलाएं महंगाई से पीड़ित हैं। घरेलू बचत ऐतिहासिक रूप से न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है।मिंज ने आरोप लगाया कि वास्तविक जीडीपी सरकारी दावों से करीब 3 प्रतिशत कम है और राज्य पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राहत और सब्सिडी केवल सरकार के चहेते लोगों तक सीमित है और सरकार वित्तीय प्रबंधन में पूरी तरह नाकाम हो चुकी है।