

बिलासपुर, 12 अगस्त 2026। पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह (Five Day Banking) की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर United Forum of Bank Unions (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को बिलासपुर में बैंक कर्मियों एवं अधिकारियों द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, व्यापार विहार शाखा के समक्ष आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न बैंकों के बड़ी संख्या में बैंक कर्मियों एवं अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मियों एवं अधिकारियों ने एकजुट होकर “Five Day Banking लागू करो”, “शनिवार-रविवार अवकाश दो”, “UFBU जिंदाबाद”, “बैंकिंग एकता जिंदाबाद” सहित विभिन्न नारों के माध्यम से अपनी मांग को बुलंद किया।
इस अवसर पर AIBOC के पदाधिकारियों एवं प्रमुख साथियों में श्री दिलीप सिन्हा, श्री कुमुद शुक्ला, श्री दामोदर हेम्ब्रम, श्री गजानन राठौड़, श्री राजेंद्र साहू, श्री सौरभ त्रिपाठी एवं श्री ओमी वर्मा सुश्री रूबी मण्डल, सुश्री प्रिया मेहर श्रीमति अनुपमा कुमारी उपस्थित रहे। वहीं UFBU की ओर से श्री दीपक साहू एवं श्री पंकज कुमार पांडेय सहित विभिन्न बैंक यूनियनों के प्रतिनिधि एवं सदस्य उपस्थित रहे। प्रदर्शन में महिला बैंक कर्मियों एवं अधिकारियों की भी उत्साहपूर्ण और सक्रिय भागीदारी रही।
क्या है Five Day Banking की मांग?
बैंक कर्मचारी संगठन लंबे समय से बैंकिंग क्षेत्र में पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग कर रहे हैं। इसके तहत सप्ताह में केवल पाँच दिन बैंकिंग कार्य किया जाए तथा शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश प्रदान किया जाए।
बैंक यूनियनों का कहना है कि वर्तमान समय में बैंकिंग व्यवस्था में व्यापक तकनीकी एवं डिजिटल परिवर्तन हो चुका है। Internet Banking, Mobile Banking, UPI, ATM, डिजिटल भुगतान एवं अन्य ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से ग्राहक सप्ताह के सातों दिन और चौबीसों घंटे अनेक बैंकिंग सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं।
ऐसे में बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों को भी आधुनिक कार्यप्रणाली के अनुरूप सप्ताह में दो दिन का नियमित साप्ताहिक अवकाश मिलना आवश्यक है। इससे कर्मचारियों को अपने परिवार, स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत दायित्वों के लिए बेहतर समय मिलेगा तथा लंबे समय से बढ़ रहे कार्यदबाव के बीच Work-Life Balance बेहतर हो सकेगा।
बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ते कार्यदबाव के बीच मांग हुई और मजबूत
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में कार्य का स्वरूप तेजी से बदला है। डिजिटल बैंकिंग के विस्तार के साथ-साथ कर्मचारियों एवं अधिकारियों पर ग्राहक सेवा, व्यवसाय वृद्धि, ऋण वितरण, रिकवरी, अनुपालन, डिजिटल बैंकिंग, विभिन्न सरकारी योजनाओं और बढ़ते प्रशासनिक कार्यों का दबाव भी लगातार बढ़ा है।
ऐसे में कर्मचारियों को पर्याप्त साप्ताहिक विश्राम उपलब्ध कराना न केवल उनके हित में है, बल्कि इससे कार्य क्षमता, उत्पादकता और ग्राहक सेवा की गुणवत्ता में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
प्रदर्शन में शामिल बैंक कर्मियों ने कहा कि Five Day Banking केवल अवकाश की मांग नहीं, बल्कि बदलते बैंकिंग परिवेश के अनुरूप एक न्यायसंगत और तार्किक कार्य व्यवस्था की मांग है।
माइक बंद हुआ, लेकिन आवाज नहीं
प्रदर्शन के दौरान अचानक माइक और साउंड सिस्टम बंद हो जाने के बावजूद बैंक कर्मियों एवं अधिकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ। बिना माइक के ही सभी साथियों ने सामूहिक रूप से नारे लगाकर अपनी एकजुटता का परिचय दिया।
इस दौरान यह संदेश भी गूंजा—
“माइक बंद हो सकता है, हमारी आवाज नहीं,
साउंड बंद हो सकता है, हमारा संघर्ष नहीं!”
बैंक कर्मियों एवं अधिकारियों की जोरदार भागीदारी ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि Five Day Banking की मांग को लेकर बैंकिंग समुदाय एकजुट है और इस मांग को मजबूती से उठाता रहेगा।
प्रदर्शन के अंत में सभी साथियों ने एकजुट होकर UFBU एवं बैंकिंग एकता के समर्थन में जोरदार नारे लगाए और Five Day Banking लागू करने की मांग को निर्णायक रूप से आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।